Asthma may be acute due to allergens or a chronic, respiratory condition that affects the airways in the lungs. It is characterized by inflammation and narrowing of the airways, which can cause symptoms such as wheezing, coughing, chest tightness, and difficulty breathing.
बदलती जीवनशैली और प्रदूषण के कारण भी अस्थमा और एलर्जी के मरीज बढ़ रहे हैं। मौसम बदलने के बाद जो धूल उड़ती है उससे कीटाणुओं को फैलने-पनपने का मौका मिल जाता है।
अस्थमा होने पर श्वास नलिकाओं में सूजन आ जाती है, जिससे ये सिकुड़ जाती हैं और फेफड़ों तक पर्याप्त हवा नहीं पहुंच पाती है। इसकी वजह से मरीज को सांस लने में दिक्कत होने लगती है। वातावरणीय प्रदूषण व खान-पान में मिलावट आदि के चलते अस्थमा के मरीजों की संख्या में वृध्दि हो रही हैं |
Asthma is a chronic disease of the airways that transports air to and from the lungs.
Asthma is a condition in which your airways narrow and swell and produce extra mucus. This swelling or inflammation makes the airways extremely sensitive to irritations and increases their susceptibility to an allergic reaction. This can make breathing difficult and trigger coughing, wheezing, and shortness of breath.
आयुर्वेदानुसार आचार्यो ने इससे पितस्थान समुद्भव व्याधि कहा गया है | श्वास रोग मुख्यतः वात व कफ की विकृति से उत्पन होता है |
जब कफ के साथ कुपित हुई प्राण वायु , अन्न तथा उदकवह स्त्रोतों को रोककर अग्निमांद्य करती है तथा पूरे शरीर में फैलकर विभिन्न स्त्रोतों में गमन करती हुई श्वास रोग उत्पन्न करती है | अर्थात कफ के द्वारा वायु मार्गो में अवरोध होने से श्वास-प्रश्वास के दौरान वायु प्रवेश तथा निष्कासन के लिए स्थान संकीर्ण हो जाने से श्वास प्रकिर्या में कष्ट होता है | एवं श्वास की पुनः पुनः प्रवर्ति होती है | यही श्वास रोग है |
भेद –
१. महाश्वास (Fatal Dyspnoea) – वायु की गति उर्ध्व होती है व उच्च धवनि के साथ श्वास, ज्ञान-विज्ञान विलुप्त, नीचे झुककर श्वास लेता है |
२. उर्ध्व श्वास (Gasping Respiration) – रोगी देर तक श्वास छोड़ता है (Prolonged Expiration) , अंतःश्वसन में कठिनाई से कम समय लेता है (Short Inspiration), मर्म स्थान में वेदना से उर्ध्व दृस्टि होती है |
३. छिन्न श्वास (Cheyne Stroke Breathing) – रुक- रुक कर श्वास लेता है, स्वेदाधिक्य , एक आंख में लालिमा व अश्रुपूरित
४. तमक श्वास (Bronchial Asthma) – सामान्यतः इसी के रोगी मिलते है , कफाधिक्य होता है, नवीन अवस्था में साध्य, तमः प्रवेश की अनुभूति, बैठने पर सुखानुभूति व लेटने पर बढ़ता है, बार बार कास का वेग आता है |
# कपोत के सामान गोल वक्ष (Barrel Shaped Chest), फुफुसो में धवनि के साथ श्वास कपोतवत (Rales and Ronchi present on Ascultation) etc.
A. प्रतमक श्वास (Bronchial Asthma with Super Imposed Infection) – ज्वर व मूर्छा के साथ श्वास के लक्षण
B. संतमक श्वास (Tropical Eosinophilia) – उदावर्त, रजकण, अजीर्ण, वेगधारण, तम से बढ़ता हो शीतोपचार से शांत हो, मानसिक दोष प्रभावी होते है |
५. छुद्र श्वास (Exertional Dyspnoea) –
– रुक्ष पदार्थो, अतिश्रम, अतिभोजन से कोष्ठगत वायु कुपित होकर उत्पन्न करती है |
– विश्राम करने से इसके लक्षण स्वतः शांत हो जाते है |
Acc. to Modern –
– Exercise-induced asthma,
– Occupational asthma,
– Allergy-induced asthma
– Smoking tobacco
– Environmental factors (pollution cold temperatures high humidity )
– Genetics
कारण –
– घास, लकड़ी आदि के पराग कण,
– ठन्डे पदार्थो के सेवन से या ठंडा पानी ज्यादा पीने से,
– ज्यादा ठंडी हवा लगने से,
– अधिक परिश्रम से,
– भारी सामान उठाने से,
– वातावरण में अधिक नमी से,
– वायरल इंफेक्शन की वजह से
– कीटनाशक, स्प्रे, अगरबत्ती, मच्छर भगाने की कॉइल का धुआं
– गैस, पेंट, स्मोकिंग और रसायनिक चीज़ों की गंध से अस्थमा का अटैक पड़ सकता है।
Acc. to Modern –
– Family history of allergic conditions
– Personal history of hay fever (allergic rhinitis)
– Viral respiratory illness, such as a respiratory syncytial virus (RSV), during childhood
– Exposure to cigarette smoke
– Obesity
– Lower socioeconomic status
– Exposure to air pollution or burning biomass
लक्षण –
– बार-बार होने वाली खांसी
– सांस लेते समय सीटी की आवाज
– खांसी के साथ कफ न निकल पाना
– बैचेनी महसूस होना |
– लगातार छींक आना
– सांस फूलना
– छाती में खिंचाव महसूस होना
– शरीर में दर्द होता है |
Modern –
– Gastroesophageal Reflux Disease (GERD)
– Heartburn
– Hay Fever
– Sinusitis
– Sleep Apnea
– Chronic Obstructive Pulmonary Disease (COPD)
– Airway Tumors
– Airway Obstruction
– Bronchitis
– Pneumonia
– A blood clot in the lung, or pulmonary embolism
– Congestive heart failure
– Vocal cord dysfunction
– Viral lower respiratory tract infection
Diagnosis –
– Chest X-Ray
– Electrocardiogram (ECG)
– Complete blood counts
– CT scans of the lungs
– Gastroesophageal reflux assessment
– The induction and examination of sputum, or phlegm
– Lung function testing with spirometry
– Blood tests for the allergic antibody (IgE)
आहार-विहार –
– प्रतिदिन सुबह और शाम बकरी का दूध पीना चाहिए |
– सुबह उठकर रोज सूर्य की किरने लेनी चाहिए |
– हल्का जल्द पचने वाला भोजन करना चाहिए |
– गेंहू की रोटी, तोरई, करेला, मेथी आदि का सेवन करना चाहिए |
– अधिक परिश्रम, शोक, क्रोध, आदि का सेवन नहीं करना चाहिए|
– चिंता, क्रोध से बचना चाहिए |
– सरसों, मछली, दही, खटाई, लालमिर्च आदि का सेवन नहीं करना चाहिए |
– ठंडी चीज जैसे दूध, दही, केला, संतरा, सेब, अनार, नाशपाती, खट्टी चीजो आदि का सेवन नहीं करना चाहिए |
# योग और व्यायाम अस्थमा को नियंत्रित करने में मदद करता है।
घरेलु उपचार – कारणों से बचाव ही सर्वोत्तम उपाए है |
– आवला पाउडर + शहद
– अदरक रस + अनार रस + शहद
– अर्जुनछाल चूर्ण + दालचीनी + शहद
– गरम कॉफी
– लहसुन के साथ उबला दूध
चिकित्सा – निदान परिवर्जन सर्वप्रथम चिकित्सा सूत्र है |Modern – Adequately control symptoms,
– Minimize the risk of future exacerbations,
– Maintain normal lung function,
– Maintain normal activity levels, and
– Take the least amount of medication possible with the least amount of potential side effects
संशोधन –
– स्नेहन – सैंधव लवण व तिल तेल से
– स्वेदन – नाड़ी स्वेद, प्रस्तर स्वेद, संकर स्वेद
– वमन
– विरेचन
– अनुवासन, – नस्य, – धूमपान
संसमन – चिकित्सक सलाह अनुसार आयुर्वेद औषध प्रयोग |
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– डॉ. राकेश सैनी , mob.-9460935150, www.ayurvedcareindia.com
